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हिंदी कवयित्री पूजा अग्रवाल
हिंदी कहानी-संग्रह "माटी के पंख"

पूजा अग्रवाल की लिखित कहानी-संग्रह

राज्यपाल के कर-कमलों से हुआ पूजा अग्रवाल की पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन
साहित्यिक सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, 11 जून, 2026 को राजभवन (लोक भवन), रायपुर में लेखिका पूजा अग्रवाल द्वारा लिखित पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल महोदय श्री रमेन डेका जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ।
​इस अवसर पर राज्यपाल महोदय ने लेखिका को उनकी इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विमोचन समारोह के दौरान पुस्तक की विषयवस्तु और लेखिका के लेखन कौशल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और 'माटी के पंख' जैसे सृजन निश्चित रूप से पाठकों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होंगे।
​इस विशेष अवसर की जानकारी छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल महोदय के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी साझा की गई है, जहाँ से इसे व्यापक सराहना मिल रही है। राज्यपाल महोदय ने पुस्तक के विषय और संदेश की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता वर्तमान समय की आवश्यकता है।
​अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लेखिका पूजा अग्रवाल ने कहा कि, "माननीय राज्यपाल महोदय के सानिध्य में अपनी पुस्तक का विमोचन होना मेरे लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का क्षण है। उनकी प्रेरणा और आशीर्वाद मुझे भविष्य में और अधिक बेहतर लेखन के लिए प्रोत्साहित करेंगे।"
​'माटी के पंख' प्रकृति संरक्षण का संदेश देती है, जो आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस पुस्तक में पूजा अग्रवाल की लिखी हुई 21 कहानियाँ हैं, जो न केवल प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव को दिखाती हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य के हौसलों को बयां करती हैं। इसमें दयालुता, प्रकृति से प्रेम, पेड़-पौधों से जुड़ाव और माटी की गरिमा का संदेश निहित है। यह किताब हमें सिखाती है कि स्क्रीन की दुनिया से परे भी एक बहुत सुंदर दुनिया है, जहाँ दूसरों की मदद करना ही ईश्वर की असली पूजा है। यह किताब कभी हार न मानने का हौसला रखने और हर परिस्थिति में मुस्कुराने का भी संदेश देती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के पाठक के लिए इसमें एक प्यारा संदेश है।

कहानी-संग्रह 'माटी के पंख' छ.ग. के विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ रमन सिंह जी को भेंट किया गया |
हाल ही में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल महोदय द्वारा राजभवन रायपुर में विमोचित लेखिका एवं साहित्यकार श्रीमती पूजा अग्रवाल के पाँचवी किताब 'माटी के पंख' कहानी संग्रह को छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ रमन सिंह जी को शुक्रवार 12 जून, 2026 को विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, शंकर नगर, रायपुर, छत्तीसगढ़ में मुलाकात कर सादर स्वरूप भेंट किया गया | मुलाकत के दौरान श्री पंकज कुमार गुप्ता एवं श्री ऋषि गुप्ता उपस्थित थे |

इस पुस्तक की लेखिका पूजा अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष महोदय को बताया कि इसमें लिखी हुई 21 कहानियाँ हैं, जो न केवल प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव को दिखाती हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य के हौसलों को बयां करती हैं। इसमें दयालुता, प्रकृति से प्रेम, पेड़-पौधों से जुड़ाव और माटी की गरिमा का संदेश निहित है। यह किताब हमें सिखाती है कि स्क्रीन की दुनिया से परे भी एक बहुत सुंदर दुनिया है, जहाँ दूसरों की मदद करना ही ईश्वर की असली पूजा है। यह किताब कभी हार न मानने का हौसला रखने और हर परिस्थिति में मुस्कुराने का भी संदेश देती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के पाठक के लिए इसमें एक प्यारा संदेश है।

शिष्टाचार भेंट के दौरान माननीय विधानसभा अध्यक्ष महोदय ने लेखिका के साहित्यिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहानी संग्रह 'माटी के पंख' के पर्यावरण पर आधारित प्रकृति प्रेम, माटी जुड़ाव व प्रेरणादायी विचारों को सराहा एवं लेखिका को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद देते हुए निरंतर समाज को जागरूक करने वाला साहित्य लिखने के लिए प्रोत्साहित किया।

हिंदी काव्य संग्रह "अम्मा की चाय'"

पूजा अग्रवाल की लिखित काव्य संग्रह

पूजा अग्रवाल की काव्य संग्रह 'अम्मा की चाय' का विमोचन "रायपुर साहित्य उत्सव–2026" में
छत्तीसगढ़ की कवियत्री श्रीमती पूजा अग्रवाल की चतुर्थ काव्य संग्रह 'अम्मा की चाय' का विमोचन 📚 छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष "श्री शशांक शर्मा जी", न्यूज़ 18 इंडिया की सुप्रसिद्ध पत्रकार और न्यूज़ एंकर "सुश्री रुबिका लियाकत जी" और दैनिक जागरण के सुप्रसिद्ध पत्रकार, लेखक व स्तंभकार "श्री'अनंत विजय जी" द्वारा "रायपुर साहित्य उत्सव–2026" [अनिरुद्ध नीरव मंडप ] में शनिवार 24 जनवरी, 2026 को नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया गया |
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार श्री चितरंजन कर, IIIT नवा रायपुर के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश व्यास और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुशील त्रिवेदी, डॉ स्मिता शर्मा, श्री ऋषि गुप्ता, श्री अरविंद मिश्रा, डॉ स्वर्णलता सराफ, श्री अशोक वैश्य, श्रीमती स्मृति दुबे, श्रीमती संध्या रानी शुक्ल, श्रीमती सुमन बाजपेयी, श्रीमती नजमा एवं डॉ मंजरी बक्शी सहित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, लेखक, शिक्षा जगत की दिग्गज हस्तियाँ, विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकार और प्रबुद्ध जन शामिल रहे।

'अम्मा की चाय' पूजा अग्रवाल की चौथी काव्य संग्रह है, जो उनकी परिपक्व होती काव्य दृष्टि और आम जनजीवन से जुड़ी संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ है। इससे पहले उनकी 3 किताबें काव्य मन का प्रकाश पुंज, कोशिशों की उड़ान और वीरा प्रकाशित हो चुकी है।
इस किताब में कृतज्ञता है, माँ का प्यार है, माँ के स्नेह की गर्माहट, अम्मा के हाथ की बनी चाय में घुले प्यार का अहसास है माँ का त्याग है ममता है एक प्रेरणा है और जीवन के कुछ अन्य पहलू है। अम्मा की चाय यह किताब अपने आप में एक भावनात्मक यात्रा है। यह छोटी छोटी बातों में छिपी गहरी भावनाओं को उजागर करती है। यह किताब उन सभी के लिए है जो माँ की यादों को किसी ना किसी रूप में संजोकर रखना चाहते है।

काव्य संग्रह 'अम्मा की चाय' महामहिम राज्यपाल महोदय श्री रमेन डेका जी को भेंट किया गया |
रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में विमोचित कवियत्री पूजा अग्रवाल के चतुर्थ काव्य संग्रह 'अम्मा की चाय' को छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल महोदय श्री रमेन डेका जी को मंगलवार 3 फरवरी, 2026 को राजभवन में स्थित लोक भवन, रायपुर, छत्तीसगढ़ में मुलाकात कर सादर भेंट किया गया साथ ही साथ अन्य काव्य कृतियाँ "वीरा" एवं "कोशिशों की उड़ान" भी भेंट स्वरूप दिया गया | मुलाकत के दौरान पूजा अग्रवाल के साथ ऋषि गुप्ता भी उपस्थित थे |

मुलाकात के दौरान महामहिम राज्यपाल महोदय ने लेखिका के साहित्यिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से 'अम्मा की चाय' के पारिवारिक मूल्यों और 'वीरा' व 'कोशिशों की उड़ान' में व्यक्त महिला सशक्तिकरण व प्रेरणादायी विचारों को सराहा। राज्यपाल महोदय ने लेखिका को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद देते हुए निरंतर समाज को जागरूक करने वाला साहित्य लिखने के लिए प्रोत्साहित किया।

​लेखिका पूजा अग्रवाल ने बताया कि उनके लिए यह गर्व का क्षण है कि महामहिम ने उनकी पुस्तकों को स्वीकार किया और साहित्य पर चर्चा की।

हिंदी काव्य संग्रह "वीरा"

पूजा अग्रवाल की लिखित काव्य संग्रह

पूजा अग्रवाल द्वारा लिखित तृतीय काव्य संग्रह “वीरा ” का विमोचन छत्तीसगढ़ विधान सभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा बुधवार, दिनॉंक 23 मार्च 2022 को शंकर नगर रायपुर स्थित विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय में किया गया | इस अवसर पर डॉ चरणदास महंत का स्वागत लेखिका श्रीमती पूजा अग्रवाल द्वारा गुलदस्ता देकर किया गया | सर्वप्रथम लेखिका द्वारा काव्य संग्रह पुस्तक का संक्षिप्त परिचय दिया गया इसके पश्चात विधान सभा अध्यक्ष महंत जी द्वारा काव्य संग्रह पुस्तक ” वीरा “का विमोचन किया गया । विमोचन में वरिष्ठ विधायक श्री धर्मजीत सिंह , प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्री कन्हैया अग्रवाल, श्री सुरेश अग्रवाल एवं श्री ऋषि गुप्ता उपस्थित थे | यह किताब लेखिका ने अपनी माँ स्वर्गीय श्रीमती अहिंसा अग्रवाल को समर्पित की है। ये किताब वैभव प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। इस किताब में 96 कविताएं हैं जिस पर ज्यादातर कविताएं नारी शक्ति पर आधारित हैं। इसके अलावा अन्य विषयों पर आधारित कविताएं है जो व्यक्ति में साहस भरती है।


"कोशिशों की उड़ान"

पूजा अग्रवाल की लिखित काव्य संग्रह

हिंदी कवयित्री पूजा अग्रवाल द्वारा लिखित द्वितीय हिंदी काव्य संग्रह पुस्तक "कोशिशों की उड़ान" जिसमे विभिन्न विषयों पर 101 कवितायें है
इनकी कुछ लोकप्रिय कवितायें निम्न है -
सुनो मुश्किलों तुमसे मैं ना घबराउंगी
अपने दर्द की दवा यू ढूंढी उनने
अरमानों के आसमान में
सबको अपना दुख ही बड़ा लगता है
कोशिशों की उड़ान
मचान
चाँद कब तक यू छुपा रहेगा तू
बेटिया
मैं जिंदगी हूँ
कमजोर ना समझना तुम उसको
जिंदगी की ब्लैकबोर्ड पे
वो मेरे कमरे की खिड़की से झांकती हुई रौशनी
अब तो अपने दिल की आवाज सुन लीजिए
बस नज़रो से बात हो
कोशिशों की उड़ान
मैंने देखा खुशी झोपड़ी में रहती थी
नारी हृदय की वेदना
एक आदत मुस्कुराने की
इंद्रधनुष
जी ले जिंदगी जिंदादिली से
एक पुरानी किताब में गुलाब का फूल

पूजा अग्रवाल की सभी कवितायें सरल भाषा में और भावनापूर्ण है। इनकी कवितायें नारी, प्रकृति, प्रेम, प्रेरक कवितायें, पर्यावरण, बेटियां, तथा विभिन्न सामाजिक विषय पर होती है। इन्होंने लगभग सभी विधाओं में कवितायें लिखी है। इनकी ज्यादातर कवितायें मोटिवेशनल होती हैं। इनकी कवितायें हृदय स्पर्शी होती है जो समाज को एक संदेश देती है। पूजा द्वारा लिखित किताबे Amezon तथा Flipkart website पर उपलब्ध है। यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी पूजा की कवितायें कही से भी सुनी जा सकती है।

"काव्य : मन का प्रकाश पुंज"

पूजा अग्रवाल की लिखित काव्य संग्रह

हिंदी कवयित्री पूजा अग्रवाल द्वारा लिखित प्रथम हिंदी काव्य संग्रह पुस्तक "काव्य : मन का प्रकाश पुंज" जिसमे विभिन्न विषयों पर 75 कवितायें है जिसका विमोचन छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष माननीय श्री गौरीशंकर अग्रवाल जी के करकमलों से हुआ है। यह हिंदी कविता की बुक है इसमें ७५ कविताओं का विभिन्न विषयो जैसे शॉपिंग, बारिश, इंद्रधुष, पर्यावरण , समुन्द्र, नारी का ह्दय, रिक्शावाला, चाँद, धरती, आकाश, संडे, तारे, भ्र्ष्टाचार, वीर शहीद, निंदा, नई सुबह, दर्द, चिड़ियाँ, जिंदगी, खूबसूरत, फूल, जिंदादिली, पल, गुलाब, रिश्ते का मोती, तन्हाई, पेड़, कोशिश, मुस्कुराना आदि काव्य संग्रह है यह काफी रोचक एवं सामान्य जीवन में होने वाले अहसासों का मिश्रण है |